Skip to main content

Scholarship After 12th: 12th के बाद लें मनचाहे courses में admission, फीस की नहीं होगी दिक्कत, काम आएंगी सरकारी स्कॉलरशिप

 Government Scholarship After 12th pass: अब कॉलेज की पढ़ाई करना आसान नहीं है. ज्यादातर संस्थानों में ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए मोटी फीस जमा करनी पड़ती है. अगर आप 12वीं के बाद अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो केंद्रीय सरकार की टॉप स्कॉलरशिप का फायदा उठा सकते हैं. इनके जरिए कॉलेज की फीस भरना आसान हो जाएगा तो चलिए जानते है इसे बारे मे! 



12वीं बोर्ड परीक्षा खत्म होने से पहले ही स्टूडेंट्स कॉलेज की पढ़ाई को लेकर चिंतित हो जाते हैं. किसी अच्छी यूनिवर्सिटी में अपने मनचाहे कोर्स में दाखिला लेना आसान नहीं है. कभी एडमिशन मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आता है तो कभी ज्यादा फीस की वजह से मामला गड़बड़ हो जाता है. इन दिनों कॉलेज की फीस बहुत महंगी हो गई है. इसे भर पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं है.

अगर आप 12वीं पास हैं और किसी भारतीय यूनिवर्सिटी में अपने मनचाहे कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं तो केंद्रीय सरकार की स्कॉलरशिप आपके काम आ सकती हैं. जो स्टूडेंट्स उच्च शिक्षा हासिल कर अपना करियर बनाना चाहते हैं, वह सरकारी स्कॉलरशिप स्कीम के लिए जरूरी योग्यता आदि डिटेल्स चेक कर इनके लिए आवेदन कर सकते हैं (Scholarship Scheme). टॉप सरकारी स्कॉलरशिप मिलने से न सिर्फ हायर एजुकेशन का आपका सपना पूरा हो जाएगा, बल्कि करियर सेट करने में भी मदद मिलेगी.

CSSS स्कॉलरशिप

सेंट्रल सेक्टर स्कीम ऑफ स्कॉलरशिप के लिए 12वीं पास आवेदक को scholarships.gov.in पर ऑनलाइन अप्लाई करना होगा (CSSS Scholarship). हर साल 82000 स्टूडेंट्स को CSSS स्कॉलरशिप दी जाती है. इसके लिए स्टूडेंट का अपनी स्ट्रीम में टॉप 20 परसेंट छात्रों में शामिल होना अनिवार्य है. इस खास स्‍कॉलरशिप में ग्रेजुएशन के दौरान शुरुआती 3 सालों तक हर साल 10,000 रुपये और पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान हर साल 20000 रुपये दिए प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप स्कीम (PM Scholarship Scheme)
आर्मी, नेवी या एयर फोर्स में सेवा करने वालों के बच्चों को प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप स्कीम दी जाती है. इस स्कॉलरशिप का फायदा उठाने के लिए स्टूडेंट का 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75% मार्क्स के साथ पास होना जरूरी है. प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को 4-5 सालों तक हर महीने 2000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाती है. इसके लिए आवेदक की उम्र 18 से 25 साल के बीच होनी चाहिए. इस स्कॉलरशिप के तहत लड़कों को 2,500 रुपये और लड़कियों को 3,000 रुपये हर महीने दिए जाते हैं.
किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (KVPY)​12वीं के बाद साइंस स्ट्रीम में हायर एजुकेशन हासिल करने के लिए किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना का फायदा उठा सकते हैं. इस स्कॉलरशिप के जरिए बीएससी, बीएस-एमएस में एडमिशन मिलेगा. इसके लिए छात्रों को एक परीक्षा देनी होगी (KVPY Exam). उसमें कम से कम 75% मार्क्स के साथ सफल होने पर ही सरकार यह स्कॉलरशिप देगी. यह परीक्षा इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस द्वारा आयोजित की जाती है. हर साल लगभग 1000 छात्रों को KVPY स्कॉलरशिप दी जाती है.



Comments

Popular posts from this blog

Know About Quality Policy of Manufacturing Company

  Know About Quality Policy of Manufacturing Company A concise declaration outlining an organization's dedication to quality and how it will satisfy client, legal, and other standards is called a quality policy. It is essential to an organization's quality management system (QMS) and is necessary to obtain ISO 9001 accreditation. Know About Quality Policy of Manufacturing Company Quality assurance is a primary concern in the manufacturing sector to guarantee that consumers receive faultless, problem-free goods that meet their expectations. Any product that is manufactured incorrectly or has flaws could endanger the consumer. Defective products cause the corporation to incur expensive recalls or suffer reputational harm. Therefore, it is crucial that manufacturing businesses have a clear quality policy in place. However, it is unclear what exactly makes up a manufacturing company's quality strategy. Verifying the raw materials and avoiding production process inefficiencies a...

4M of Operations Management

  Most manufacturers deal with at least one of these typical agility-related obstacles. The good news is that none of them—not even the ones related to aging capital equipment—are insurmountable. Hundreds of businesses have benefited from Performance Solutions by Milliken's assistance in overcoming these challenges, which has significantly increased plant agility and enhanced operational excellence. How? by putting best practices—machines, labor, methods, and material—that address the four Ms of manufacturing into practice. Why the 4M Work We are aware that complexity can occasionally be employed to give the impression of depth or worth, but frequently the most basic tools are those that help us in our quest to enable every associate to confidently handle problems within their business. As the front line of operations, we can use these techniques to solve the problems they encounters. We still find this to be true, even if it can be difficult to accept when a company has spent a ...

RJD Candidates: लालू-तेजस्वी ने इन सीटों पर फाइनल किए उम्मीदवार, कैंडिडेट्स को लेकर बनाई नई प्लान

 RJD Candidates: लालू-तेजस्वी ने इन सीटों पर फाइनल किए उम्मीदवार, कैंडिडेट्स को लेकर बनाई नई प्लान पार्टी के एक नेता बताते हैं कि हमारे सभी उम्मीदवार तय हैं लेकिन राजद प्रमुख का निर्णय है कि उम्मीदवारों के नाम की घोषणा चरणवार होगी। पहले चरण के लिए अर्चना रविदास अभय कुशवाहा सर्वजीत और श्रवण कुशवाहा ने अपना पर्चा भी भर दिया है। जैसे ही दूसरे दौर के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ होगी इसके प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। अलबत्ता राजद ने पहले चरण के चार उम्मीदवारों के साथ करीब दर्जनभर उम्मीदवारों को सिंबल जरूर दे दिया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली बड़ी पराजय को ध्यान में रखते हुए राजद इस चुनाव फूंक-फूंककर कदम उठा रहा है। पहले सीटों को लेकर सहयोगी दलों के साथ उसकी सप्ताहों तक बैठक चली। जिसके बाद कांग्रेस और अन्य दलों के बीच सीटें बांटी गई। राजद खुद 26 सीटों पर किस्मत आजमायेगा। पार्टी के सूत्रों से मिली राजद प्रमुख लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव ने अपनी सभी 26 सीटों के लिए उम्मीदवार तय कर लिए हैं। हालांकि, अब तक चुनिंदा नामों की घोषणा ही की गई है। कुछ नेताओं को सिंबल भी दिए जा चुके हैं।